ताशकंद 1966: लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु — मेडिकल विसंगतियां, लापता ऑटोप्सी और अनसुलझे फॉरेंसिक साक्ष्य
11 जनवरी 1966 की देर रात ताशकंद में भारत-पाकिस्तान शांति घोषणापत्र पर हस्ताक्षर के चंद घंटों बाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का आकस्मिक निधन हो गया। आधिकारिक रिकॉर्ड इसे 'एक्यूट मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन' (तीव्र हृदयाघात) घोषित करता है, परंतु विदेशी ज़मीन पर स्वतंत्र फॉरेंसिक पोस्टमॉर्टम का न होना, पार्थिव शरीर पर असामान्य चीरे, संसद की 1970 की बहसें, गवाहों के संदिग्ध सड़क हादसे और आरटीआई में आज तक 'विदेशी संबंधों' का हवाला देकर फाइलों को गोपनीय रखना स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे बड़ा अनसुलझा फॉरेंसिक सवाल बना हुआ है।